Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
आमतौर पर बायोपà¥à¤¸à¥€ करने की सलाह तब दी जाती है जब किसी शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£ या अनà¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के दौरान कà¥à¤› à¤à¥€ संदिगà¥à¤§ दिखाई देता है, या यदि रोगी के लकà¥à¤·à¤£ कैंसर के बढ़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ का संकेत देते हैं।
बायोपà¥à¤¸à¥€ आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में बीमारियों के कारणों का पता लगाने और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के निदान के लिठकी जाती है। इसके अलावा यह असामानà¥à¤¯ कोशिकाओं की पहचान करने और विशेष तरह की बीमारियों का पता लगाने के लिठकिया जाता है।
जहां बीमारी का निदान पहले ही हो जाता है, वहां बायोपà¥à¤¸à¥€ का उपयोग यह मापने के लिठकिया जा सकता है कि यह कितना गंà¤à¥€à¤° है या यह किस सà¥à¤¤à¤° पर पहà¥à¤‚ची है।
उदाहरण के लिठबायोपà¥à¤¸à¥€ के जरिठयह पता लगाया जा सकता है कि लीवर जैसे अंग में कितना गंà¤à¥€à¤° सूजन है।
बायोपà¥à¤¸à¥€ निमà¥à¤¨ रोगों के निदान के लिठकी जाती है:
कैंसर
पेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• अलà¥à¤¸à¤°
- पाचन तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले अलà¥à¤¸à¤°
हेपेटाइटिस
- लिवर में सूजन
किडनी रोग
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
- जहां कोशिकाà¤à¤‚ जो आमतौर पर गरà¥à¤ की परत में होती हैं, वे शरीर में कहीं और पाई जाती हैं।
केवल देखकर या महसूस करके यह बताना असंà¤à¤µ है कि आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर या आपके शरीर के अंदर गांठकैंसर के घातक रूप है या नहीं। बायोपà¥à¤¸à¥€ से हमें यह जानने में आसानी होती है।
| --------------------------- | --------------------------- |